हेजफंड़ और बैंकों की उपरी तह तक खरीदारी रुकने से सोने चांदी में प्रोफिट बुकिंग से गिरावट देखी गई /रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
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Report by Sparsh Desai/Photos : Google.
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मुंबई, /रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
बुलियन मार्केट में गति से आई तेजी के बाद उछाल पर प्रॉफिट बुकिंग आने से और डॉलर इंडेक्स में फिर से मजबूती से गिरावट आई हैं ।
संसार का सोना गिरकर 1335 और चांदी $16 की सपाटी पर क्वोट हो रही थी । जबकि स्थानीय बाजारों में सोने में रुपया 150 और चांदी में रुपया 300 की ज्यादा गिरावट देखी गई थी । आने वाले समय में ज्वेलरी में हॉल मार्क जरूरी करने के लिए निर्णय लिया जाएगा ।
सोने-चांदी में एक तरफा हुई तेजी को ब्रेक लगी हैं, जबकि डॉलर इंडेक्स में फिर से मजबूती आने से और हे़ज फंडो और सेंट्रल बैंकों की पूरी तरह से खरीदारी रुक जाने से पिछले दिनों नर्म टोन देखा गया था । संसार के सोने में $12 से गिरकर $ 1335 और चांदी $16 की तह के अंदर 15.91 क्वोट हूई थी । स्थानीय बाजारों में भी गिरावट का टोन रहा था । जबकि पैलेडियम में $1500 की तह के ऊपर जाकर क्वोट होकर बाद में $25 नीचे की तह तक क्वोट हुए थे ।
बाजार में डोलर के सामने रुपया 13 पैसा कमजोर होने के बावजूद स्थानीय डिमांड में भाव गिरे थे । गुजरात के बाजार में सोना विक्रमी तह तक ₹ 34850 दाम पहुंचे थे । बाद में रुपया 150 गिर कर रु. 347100 तक दाम पहुंचे थे, जबकि चांदी में रू. 300 कम होकर रु. 41000 तक बोली थी । नई दिल्ली में सोना रु. 360 के सुधार के साथ रु.34830 तक दाम पहुंचे थे, जबकि चांदी में रु.140 के गिरावट के साथ 41 664 दाम पर पहुंची थी । मुंबई में सोना गिरकर रु.33605 और रु. 40300 तक बोली गई थी । हाजिर दामों में और वायदा के हिसाब से गिरावट का ट्रेन्ड़ रहा था । सोने में वायदे में एमसीएक्स में 16 अप्रैल का वायदा प्रति 10 ग्राम रु. 33 780 पर खुलकर तह तक पहुंचकर रु. 33602और नीचली पहले सत्र के अंत में रु. 170 गिरकर रु. 33700 तक बंद रहा था । चांदी के वायदे में चांदी मार्च कॉन्ट्रैक्ट प्रति किलो रु.40 556 खुली और तक रु.540165 पहुंचकर पहले सत्र के अंत में रु. 574 से कम होकर रु.40 377 पर बंद रहे थे ।
ट्रेड़ वोर, राजकीय अफरा-तफरी और आर्थिक अस्थिरता के कारण संसार के व्यापार पर दबाव बना रहेगा और साल 2019 की प्रथम तिमाही के दौरान व्यापार विस्तरण की कार्यवाही धीमी रहेगी । ऐसा अनुमान वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानी डब्ल्यूटीओ ने लगाया था ।
ग्लोबल ट्रेड का, हाल के दिनों का वर्ल्ड ट्रेड आउटलुक इंडिकेटर 6.3 था । जो मार्च 2010 से सबसे कमजोर हैं और इंडिया के लिए 100 की बैज लाइन वैल्यू भी निचली सतह पर हैं । जो पहले तिमाही में ट्रेंड के व्यापार के वितरण के लिए नेगेटिव संकेत दर्शाता हैं । 100 का आंक मध्यम वक्त के प्रमाणों के साथ वृद्धि भी दर्शाता हैं । गए सितंबर में ट्रेड वॉर और आर्थिक अफरातफरी से मार्केट की स्थिति के बीच इस संस्था ने अपने व्यापार की आगाही में भी गिरावट की हैं । साल 2018 में अपेक्षित 3.9 प्रतिशत की अपेक्षा से साल 2019 में व्यापार वृद्धि हाल के दिनों में 3.7 धीमी रहने की भी आगाही की गई हैं ।
रिपोर्ट : स्पर्श देसाई √• गोल्ड डस्ट न्यूज़ चैनल • के लिए...

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