हाल की गोल्ड मोनेटाईज़ेशन स्कीम के तहत रिज़ल्ट प्रस्तुत करने का सरकार ने बैंकों से किया अनुरोध /रिपोर्ट:स्पर्श देसाई
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मुंबई,/रिपोर्ट : स्पर्श देसाई,
हाल के दिनों में पर वर्तमान गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत सरकार ने बैंकों को अनुरोध किया हैं कि वे इसके रिज़ल्ट बताए, ऐसा वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया था ।
गौरतलब बात यह है कि साल 2015 नवंबर को प्रस्तुत किए गए, इस गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को अच्छी सफलता नहीं मिली हैं और सिर्फ 15 टन सोना ही एकत्रित हुआ हैं । हालांकि अब बैंकों को नई ब्रांचों को ढूंढनी होगी, जहां से ज्यादा से ज्यादा सोना एकत्रित हो सके ।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और निजी क्षेत्रों के बैंकों के अधिकारी ने बताया था कि वह लोग अपने पास रही हुई सोने के अनामत यथावत रखा कर आगामी 3 महीनों तक स्कीम में कोई बदलाव ना होने से और अब जो कुछ नए बदलाव होंगे नई सरकार बनने के बाद ही होंगे ।
हकीकत में सरकार ने ब्याज दर एवं दूसरे खर्च में राहत दी होने के बावजूद इस स्कीम किसी को परवड़ सके ऐसी नहीं हैं और वही बैंकों के लिए बड़ी समस्या है ।
इस स्कीम के तहत निवेशकों को और मार्किंग एवं आकारणी करते हुए सेंट्रल हॉल मार्किंग सेंटर में सोना देना होता हैं । उसके बाद इस सोने को रिफाइनरी में भेजा जाता हैं और वहां उसे बार्स स्वरूप पर वह सोना बैंकों को दिया जाता हैं और मार्किंग सेंटर के जरिए दी जाने वाली रसीद के आधार पर बैंक निवेशक का गोल्ड डिपॉजिट अकाउंट खोलती हैं ।
स्कीम को ऑपरेशनल अथवा कार्यरत करने के लिए बैंक, सेंटर और रिफाइनरी के बीच 3 पक्षीय करार करने होते हैं । होल मार्किंग सेंटर के एसोसिएशन बताते हैं कि बैंकों ने अब तक रिफाइनरीओं के साथ अंतिम करार किया नहीं हैं ।
इसके पहले सभी बैठकों में बैंकों ने वित्त मंत्रालय को बताया था कि लोगों को यह स्कीम परवड़ेगी नहीं । इसके पहले भी बैंकों ने कई राहतों की ड़िमाड़ की थी । जिसमें प्रमुख सोने के निवेश के लिए जरूरी नगद रिजर्व रेशियो की नेसेसरी मुक़्ति, एवं धर्मादा संस्थाओं के पास रहा हजारों टन सोने को आकर्षित करने के लिए बैंकों को गोल्ड मेडल अकाउंट खोलने की मंजूरी के साथ मैच्चूरिटी मूनाफें में से मुक़्ति देने की बातों का समावेश होता हैं ।
पिछले शुक्रवार की बैठक में हाजिर रहे हुए एक सूत्र ने बताया था कि एक अधिकारी ने कहा था कि इस तिमाही में सी आर आर में से माफी नहीं मिलेगी एवं फिर भी बैंकों को परिणाम दर्शाने का आदेश दिया गया था । अब बैंकों को ऐसी ब्रांचों को ढूंढना होगा जहां से ज्यादा सोना एकत्रित हो सके।
/ रिपोर्ट : स्पर्श देसाई√•Gold Dust News Channel • के लिए...

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