आचार संहिता के नाम पर ज्वैलर्सों को सताया नहीं जाएगा, चुनाव आयोग ने ऐसा कहा/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
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Report by Sparsh Desai/Photos & Video by.. Google.
मुंबई, / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
लोकसभा के चुनाव के मद्देनजर लगने वाली आचार संहिता का असर ज्वैलर्सो के व्यापार पर भी पड़ा है।
आचार संहिता लगने के बाद ज्वैलर्स लोग ₹ 5,0000 से ज्यादा रोकड़ का व्यवहार नहीं कर सकते हैं ।
बाजार में 50,000 रुपया आम बात हैं । यहां एक गहना उपरी सतह के दाम होने पर करीब देढ़ दो लाख का हो जाता हैं ।
आचार संहिता लागू होने पर विभिन्न सरकारी एजेंसियां सक्रिय हो जाने पर यहां व्यापारियों को और ग्राहकों को सोने की खरीदारी की और बेचने की बड़ी तकलीफ हो रही हैं।
चुनाव आयोग का मानना है कि नगद, सोने के गहने, ड्रग्स, शराब आदि प्रलोभन की चीजें होने से चूनाव आयोग ने ज्वेलर्सों के लिए नगद की ₹ 50 हजार की लिमिट तय की हैं । और इन सभी चीजों को लेकर बाजारों पर कड़ी नजर रखी जा रही हैं ।
हालांकि की देखा गया हैं , आचार संहिता के नाम पर केवल ज्वेलर्सों को सबसे ज्यादा सताया जा रहा हैं ।
इसीलिए "ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डॉमेस्टिक काउंसिल "याने की जीजेसी के जरिए चुनाव पंच को इसके लिए मंगलवार को नई दिल्ली में यह फरियाद की गई थी कि उन को सताया जा रहा हैं । तब चुनाव आयोग ने कहा था
आपकी इन बातों पर हम गौर करेंगे । आचार संहिता जब से लागू हुई है तबसे पूरे हिंदुस्तान में से कई जगहों से ज्वेलर्सो को पकड़कर सोना अथवा गहने या रोकड़ रकम जब्त की जा रही हैं । इससे स्थानीय ज्वेलर्स ओं को उत्पादकों को और रिटेलर ओ को बहुत तकलीफ होने पर जीजेसी ने चूनाव आयोग को फरियाद की थी ।
चुनाव आयोग ने शासक पक्ष की ओर से ज्वैलर्स को सताया ना जाए ऐसे सही कदम उठाने की गारंटी दे दी थी । खासकर आने वाले सभी चुनाव में गहनों को ले जाने के लिए और लिए आने के पर ज्वैलर्स को अपने साथ उसके संबंधित डाक्यूमेंट्स रखना जरूरी हैं । ऐसी मार्गदर्शिका चुनाव आयोग निकालेगा ।जीजेसीके प्रमुख चेयरमैन अनंत पदमनाभन, डायरेक्टर कृष्ण बिहारी गोयल, सेक्रेटरी नरेन्द्र वोल्टास, जोनल चेयरमैन विजय खन्ना और कारोबारी महेंद्र सुराना उपस्थित थे । पदमनाभन ने बताया था कि सोना एवम सोने के गहने मूल्यवान होने से और कीमत संवेदनशील होने से परिवहन के सामान्य माध्यम से उसके आवाजाही सामान्य माध्यम से हो नहीं सकती हैं । कई बार दूरदराज के गांवों में लॉजिस्टिक कंपनियों की सेवा ना होने पर वहां उन ग्राहकों को खुद या अपने आदमियों को गहनों की डिलीवरी करनी होती हैं । इसी संदर्भ में इन जैसों को या उनके आदमियों को रेलवे स्टेशन पर और चेक पोस्ट पर पसार होना पड़ता हैं । वहां उसको गिरफ्तार किया जाता है और अधिकारी लोग सोना जब्त करके उनको परेशान करते हैं, जो सही नहीं हैं ।
हालांकि चुनाव आयोग ने यह बताया है कि गहनों की ले जाने वाले और लेकर आने वाले को सताया ना जाए । उसके मार्गदर्शिका आने वाले दिनों दिनों में प्रकाशित की जाएगी और उन्हें ज्वेलर्स तक पहूंचाने का दावा भी चुनाव आयोग ने किया था ।
/रिपोर्ट : स्पर्श देसाई √• गोल्ड डस्ट न्यूज़ चैनल• के लिए...

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