√• आदेश वापस नहीं लिया तो सोमवार को दुकाने खोल डालेंगे, पुणे व्यापारी महासंघ ने किया लॉकडाउन का तीव्र विरोध/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

√• आदेश वापस नहीं लिया तो सोमवार को दुकाने खोल डालेंगे, पुणे व्यापारी महासंघ ने किया लॉकडाउन का तीव्र विरोध/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】महाराष्ट्र के दूसरे नंबर के शहर पूणे से अब यह खबर आ रही हैं कि वहां के फेडरेशन ऑफ़ ट्रेड एसोसिएशन ऑफ़ पुणे याने पुणे व्यापारी महासंघ ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन का तीव्र विरोध किया हैं । 
दौरान इस महासंघ के अध्यक्ष फतेचंदजी रांका ने कहा था की हम मुख्यमंत्री और अधिकारियों का मान रखकर रविवार तक दुकाने नही खोलेंगे लेकिन सरकार का कोई ठोस निर्णय नहीं आया तो पूणे में इस सोमवार से दुकानों को खोल दी जाएगी । 
रांकाजी ने आगे कहा था की सरकार ने हम व्यापारियों से दो दिन का वक़्त मांगा हैं इसलिए हम मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उनको दो दिन का वक़्त देते है । उन्होंने कहा था कि पुणे के व्यापारी सुबह 10 से शाम 6 बजे तक अपनी दुकाने सोमवार से शुक्रवार तक खोलेंगे तथा शनिवार और रविवार तक कर्फ्यू के तहत दुकानें बंद रखेंगे ।
सरकार ने कई व्यापारों को अति आवश्यक सेवाओं में बताकर शेष दुकानों को 30 अप्रेल 2021 तक बंद रखने का आदेश दिया हैं । आदेश के जवाब में उन्होंने  यह कहा था कि लाकडाउन का आदेश मानने से कोरोना से मरना ज्यादा बेहतर  हैं । इसके अलावा उन्होंने कई दूसरे मुद्दों के बारे में बताया था । उन्होंने आदेश को तुरंत वापस लेकर दुकाने शुरू करने देने की मांग की हैं । साथ में यह भी आग्रह किया था कि किसी भी निर्णय के पहले महासंघ को चर्चा के लिए बुलाया जाएं । पूना शहर के सभी जनप्रतिनिधियों को यह जानकारी दी गई हैं । राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में कहा गया हैं कि पूना शहर में 40 हजार से ज्यादा व्यापारी हैं । लगभग तीन लाख कर्मचारीयों के परिवार इस पर निर्भर हैं । शहर की 20 लाख से अधिक जनता इस लॉकडाउन का तीव्र विरोध करती हैं ।जनता की सुविधा चिंता किए बगैर यह एक तरफा निर्णय लिया गया हैं । साल 2020 के लॉकडाउन के कारण व्यापारियों की आर्थिक स्थिति पहले से ही बिगड़ी हुई हैं । व्यापार पहले से ही 30 से 40 प्रतिशत कम हो गया हैं । अभी भी कई व्यापारी अपने दुकान और मकान का किराया नहीं चूका पाएं हैं ।
उन्होंने आखिर यह कहा था कि आश्चर्य इस बात का हैं की व्यापारियों की दुकाने बंद करने का आदेश तब निकाला गया हैं, जब व्यापार धीरे धीरे रफ़्तार पकड़ रहा था ।【फोटो और समाचार सौजन्य : दीपक आर जैन】

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