मंदी का सामना कर रही सौराष्ट्र की छोटी हीरा ईकाईयों को उभारा जायेगा ...सूरत से सस्ते कच्चे हीरों का जत्था सौराष्ट्र पहूंचाया जायेगा .../रिपोर्ट: स्पर्श देसाई
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Photo : Google / Report by Sparsh Desai
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गुजरात राज्य में 25 लाख लोगों से ज्यादा लोगों को रोजगारी देने वाला हीरा उद्योग आजकल मंदी में फंसा हैं । हालांकि यह मंदी 2018 की दीपावली से ही चल रही हैं, जो अभी तक जनवरी तक चल रही हैं । इसके मद्देनजर सौराष्ट्र के अमरेली, भावनगर, जूनागढ़ एवं राजकोट के छोटी छोटी फैक्ट्रियां खुल नहीं शकी रही हैं । इन इकाइयों को मंदी से उबारने के लिए जेम्स एंड ज्लवेरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल गुजरात रीजन के चेयरमैन दिनेश नावडिया ने पूरे राज्य में जितने भी डायमंड एसोसिएशन हैं, उनके पदाधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन कर हीरा उद्योग की हाल की स्थिति की चर्चा की थी ।
सौराष्ट्र की छोटी-छोटी हीरा इकाइयों को हीरें ना मिलने पर वह अपना बिजनेस कर नहीं पा रहे हैं । इसके मद्देनजर कई रत्न कलाकार बेरोजगार बने हैं । सच बात तो यह हैं कि दीपावली 2018 के बाद इस साल 2019 की जनवरी तक सौराष्ट्र में कई इकाइयां अभी तक खुली नहीं हैं । सौराष्ट्र के हीरा उद्योग को इस मंदी से बाहर निकालने हेतु गुजरात जीजेईपीसी ने यह प्रयास किया हैं कि इन इकाइयों को मंदी से बाहर निकाला जाएंं और उनको वित सहाय मिले ऐसा प्रयास किया जाएं ।हालांकि इन छोटी छोटी इकाइयों को कहीं से कोई भी वित सहाय नहीं मिलती हैं । इसके मद्देनजर गुजरात जीजेईपीसी ने यह तय किया है कि इन छोटी छोटी इकाइयों को सूरत से सस्ते कच्चे हीरों की सप्लाई हो। हालांकि एक बात यह भी सच हैं, कि अलग-अलग हाथों से पहूंच कर यह कच्चे हीरें इकाई तक पहुंचते हैं तो उसके दाम बढ़ जाते हैं।
श्री नावडिया ने यह बताया कि हमारे पास पूरे राज्य के पालनपुर, जूनागढ़, खंभात, अमरेली, भावनगर के साथ वालें एसोसिएशन की ओर से इसी मद्देनजर कई बार फरियाद आई हैं । जिसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता । इसके लिए जीजेईपीसी के माध्यम से कॉमन फैसिलिटी सेंटर खड़े किए गए हैं । उसके जरिए कई सेंटरों को फायदा हुआ हैं, लेकिन कच्चे हीरों की सप्लाई धीमी होने के कारण काम रुका पड़ा हैं।
छोटी ईकाइयावालें इन डायमंड एसोसिएशन के माध्यम से रफ़ की, कच्चे हीरों की खरीदारी करने के लिए उत्सुक हैं । इस मामले में सूरत में छोटे-छोटे कच्चे हीरों के सप्लायरओं के साथ एक बैठक भी नावडिया की हैं ।
हीरों के सप्लायर्स यह तय किया है कि हम इन छोटी ईकाइयों को कच्चे हीरो की सप्लाई करेंगे, हालांकि उन्होंने छोटे कारखानेदारों को सस्ते कच्चे हीरें उपलब्ध करवाने के लिए तत्परता बताई हैं । ंं
अगर इन सप्लाईयरों के जरिए सौराष्ट्र के छोटे कारखानेदारों को सस्ती व निचले दामों की रफ, कच्चे हीरें मिलते हैं तो हीरा उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी और सौराष्ट्र के इन हीरा उद्योग को मंदी से बाहर लाया जा सकेगा ।
/रिपोर्ट : स्पर्श देसाई √•गोल्डड़स्ट न्यूज़ चैनल• के लिए

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