ज्वेलरी उद्योग पर मंडराने वाले काले बादलों का क्या ? व्यापार में मंदी और ज्वेलरी कारीगरों की दशा के मायने ? : निलेश गुप्ता : इब्जा / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
●Photos by Google● मुंंबई रिपोर्ट: स्पर्श देसाई ज्वेलरी उद्योग पर मंडराने वाले काले बादलों का क्या ? व्यापार में मंदी और ज्वेलरी कारीगरों की दशा के मायने ? : निलेश गुप्ता : इब्जावाले ने एक सवाल पुछा था, जिसका इन्डियन ज्वेलर्स फोरम के राकेश कुमार जी जवाब कुछ इस तरह से दिया था। राकेश कुमार जी ने कहा था कि प्रमाण उभर रहे हैं कि हीरा और आभूषण कारोबार की बढ़ती लहर दीवार पर जा रही हैंं । कैशलेस बिक्री सूचकांक निरंतर कमजोर खुदरा बिक्री वृद्धि की ओर इशारा कर रहा हैंं । कमजोर व्यापारिक परिस्थितियों के कारण उत्पादन और खुदरा क्षेत्र में नौकरी का नुकसान होगा । ऋण लेने वालों से दरवाजे पर दस्तक देने वाले व्यवसाय की संख्या हजारों में हैंं। आभूषण की वस्तुओं की मांग मंदी की स्थिति से पीड़ित हैंं । खुदरा क्षेत्र भारी दबाव में हैंं, जीएसटी के आंकड़े अगस्त और सितंबर में बिक्री का कारोबार करेंगे। छोटे और मध्यम वर्ग के उपभोक्ता जो मंदी से जूझ रहे हैं और नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, उन्होंने अपनी जेब बंद कर रखी हैंं । मुझे लगता है कि आम तौर पर लोगों को लगता हैंं कि अर्थव्यवस्था अभी भ...